मनीष रंजन की रिपोर्ट 

धनबाद : बीबीएमकेयू द्वारा धनबाद के न्यू टाउन हॉल में आयोजित द्वितीय दीक्षांत समारोह का आयोजन बड़े उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। इस विशेष कार्यक्रम में झारखंड के राज्यपाल श्री संतोष गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। उन्होंने 220 टॉपर्स को डिग्री एवं गोल्ड मेडल प्रदान कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। समारोह में राज्यपाल ने शिक्षित युवाओं को समाज के प्रति जिम्मेदार बने रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत उन्नति का साधन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत होनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से कहाकि हर एक शिक्षित युवा कम से कम एक बच्चे की शिक्षा का दायित्व अपने ऊपर अवश्य ले। यदि हर युवा ऐसा संकल्प करता है तो हमारे समाज से अशिक्षा और असमानता की जड़ें स्वतः कमजोर हो जाएंगी।

इस अवसर पर राज्यपाल ने राज्य के विश्वविद्यालयों में प्रोफेसरों और कुलपतियों की कमी जल्द दूर करने का भरोसा भी दिलाया। 

उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि अगले महीने तक इन पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी ताकि शिक्षा के स्तर को सुधारा जा सके और शैक्षणिक सत्र नियमित रूप से संचालित हो सके। साथ ही उन्होंने उच्च शिक्षा में विद्यार्थियों की संख्या कम होने पर चिंता जताई और कहा कि इस दिशा में भी सरकार प्रयासरत है।

दीक्षांत समारोह में कुल 220 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया, जिनमें पीएचडी के 35 छात्र, एमबीबीएस, एलएलबी, बीएड, एमएड, बीसीए और बीबीए के छात्र शामिल हैं। खास बात यह रही कि पहली बार यूजी के विभागवार टॉपर्स को भी गोल्ड मेडल से नवाजा गया, जिससे समारोह में नई उमंग देखने को मिली।

गोल्ड मेडलिस्ट दीपांशु प्रसाद, डॉ सिमरन और सिद्धा डे ने इस सम्मान को अपने परिवार, शिक्षकों और समाज के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। 

डुमरी के विधायक जयराम महतो ने भी छात्रों को बधाई दी और कहा कि ये युवा राज्य और देश के भविष्य की मजबूत नींव हैं।

यह दीक्षांत समारोह न केवल विद्यार्थियों के लिए एक यादगार दिन साबित हुआ, बल्कि झारखंड सरकार की शिक्षा क्षेत्र में सुधार और नवाचार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। 

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