मनीष रंजन की रिपोर्ट 

धनबाद: रविवार को राजेंद्र सरोवर पार्क, बेकार बांध में चंदन स्टूडियो द्वारा अष्टम वर्ष “दोल उत्सव” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बंगाली समुदाय की पारंपरिक दोल उत्सव संस्कृति को सांस्कृतिक स्वरूप में प्रस्तुत करना था।दोल उत्सव की परंपरा की प्रेरणा विश्वभारती विश्वविद्यालय से जुड़ी है, जहां रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा स्थापित संस्थान में वर्ष 1920 से इसे सांस्कृतिक-शैक्षिक वातावरण में संगीत, नृत्य, कविता और रंगों के साथ बसंत उत्सव के रूप में मनाया जाता रहा है। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए चंदन स्टूडियो पिछले आठ वर्षों से धनबाद, झारखंड में इस आयोजन का संचालन कर रहा है।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से वार्ड 25 के नव निर्वाचित पार्षद प्रिय रंजन, डॉ शर्मिला बनर्जी, बंगाली वेलफेयर सोसाइटी के सचिव गोपाल भट्टाचार्य, बंगाली कल्याण समिति अध्यक्ष कंचन दे, झारखंड बांग्ला भाषा उन्नयन समिति की रीना मंडल, सिंबायोसिस पब्लिक स्कूल के निदेशक आशीष मंडल , साहित्यकार तपन राय सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

अतिथियों का स्वागत बच्चों ने फूल एवं हर्बल गुलाल से किया। कार्यक्रम की शुरुआत ग्रूमिंग क्लब द्वारा रवींद्र संगीत “ओरे गृहोबासी”पर पार्क परिक्रमा नृत्य से हुई। इसके बाद विभिन्न नृत्य विद्यालयों की छात्राओं ने बसंत पर आधारित रवींद्र नृत्य प्रस्तुत किए।

इस कार्यक्रम में धनबाद के प्रतिष्ठित नृत्य विद्यालय , सांस्कृतिक शिक्षण केंद्र-सरायढेला, गुरु सूर नृत्य संगम,सास्वती सेन डांस एकेडमी,झरिया, साधना डांस एकेडमी हीरापुर, नृत्य मलिका, नूपुर डांस एकेडमी जामाडोबा,साधना डांस एवं जुंबा स्टूडियो कार्मिक नगर, कविता आचार्य डांस ग्रुप, पैशनेट कलाकार जे.सी. मलिक रोड , ग्रूमिंग क्लब हीरापुर,लोकनाथ कला केंद्र गांधी रोड, नच बलिए,नूपुर डांस एकेडमी मनईटॉंड़ के बच्चों ने भाग लिया ।

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