
टीम अनंत सोच
धनबाद: धनबाद के सांसद ढुलू महतो ने दामोदर घाटी निगम(डीवीसी) प्रबंधन को पत्र लिखकर धनबाद संसदीय क्षेत्र के पंचेत, मैथन, चंद्रपुरा, बोकारो थर्मल सहित आसपास के क्षेत्रों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने कर्मचारियों, श्रमिकों, शिक्षकों, पेंशनभोगियों, छात्राओं एवं आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग करते हुए डीवीसी से संवेदनशील एवं सकारात्मक पहल करने का आग्रह किया है।
सांसद ने डीवीसी विद्यालयों में वर्ष 2003 से कार्यरत संविदा शिक्षकों के मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अब तक उन्हें स्थायी नियुक्ति नहीं मिल पाई है। उन्होंने डीवीसी प्रबंधन से न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हुए सभी शिक्षकों को अविलंब नियमित करने की मांग की।
बोकारो थर्मल एवं चंद्रपुरा के कैंटीन श्रमिकों के साथ-साथ मैथन, पंचेत और अन्य परियोजनाओं में वर्षों से कार्यरत कैजुअल कर्मियों की समस्याओं को भी सांसद ने प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद इन श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी और सीमित सुविधाओं पर काम करना पड़ रहा है, जबकि सक्षम प्राधिकरण एवं श्रम विभाग द्वारा समान वेतन एवं सुविधाओं को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं। सांसद ने इन आदेशों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की।
सांसद ढुलू महतो ने मैथन एवं पंचेत अस्पतालों की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। पंचेत अस्पताल में अल्ट्रासाउंड एवं एक्स-रे जैसी मूलभूत सुविधाएं बंद रहने से ग्रामीण एवं गरीब मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को पुनः शुरू करने की मांग की।
सांसद ने डीवीसी महिला हाई स्कूल, पंचेत की स्थिति को भी चिंताजनक बताते हुए कहा कि बालिका विद्यालय होने के बावजूद वहां महिला शिक्षिकाओं एवं महिला कर्मचारियों की भारी कमी है। इससे छात्राओं को असहजता का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने विद्यालय में महिला शिक्षकों की नियुक्ति एवं बंद पड़े प्लस टू (+2) सत्र को पुनः प्रारंभ करने की मांग की।
डीवीसी पेंशनभोगियों पर लगाए गए पेनल रेंट में अप्रत्याशित बढ़ोतरी का विरोध करते हुए सांसद ने कहा कि जीवनभर सेवा देने वाले पेंशनरों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने प्रबंधन से विवादित आदेश को तत्काल स्थगित कर पेंशनरों के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने का आग्रह किया।
सांसद ने पंचेत एवं आसपास के क्षेत्रों में डीवीसी द्वारा CSR कार्यों की लगातार उपेक्षा और स्थानीय अधिकारियों की उदासीनता पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के संसाधनों का उपयोग करने वाली संस्था होने के नाते डीवीसी की जिम्मेदारी स्थानीय विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं के प्रति भी बनती है। उन्होंने CSR योजनाओं की समीक्षा कर विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की मांग की।
सांसद ढुलू महतो ने कहा कि डीवीसी केवल एक औद्योगिक संस्था नहीं, बल्कि लाखों लोगों की आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण संस्था है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कर्मचारियों, श्रमिकों, पेंशनभोगियों, छात्राओं और आम जनता की समस्याओं की अनदेखी अब स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने डीवीसी प्रबंधन से सभी मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो प्रभावित लोगों के साथ व्यापक जनआंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
