Anant Soch Team

हर माह की 28 तारीख को जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में मनाया जाएगा “बाहा – जोआक संस्कार”

विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर जिला समाज कल्याण विभाग के “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” कार्यक्रम के अंतर्गत “चुप्पी तोड़ो स्वस्थ रहो” कैंपेन की विधिवत शुरुआत आज तोपचांची प्रखण्ड कार्यालय के सभागार में की गई। इसका शुभारंभ माननीय विधायक टुंडी श्री मथुरा प्रसाद महतो ने दीप प्रज्वलित कर किया। मौके पर प्रखंड प्रमुख श्री आनंद महतो, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती स्नेह कश्यप, अंचल अधिकारी, यूनिसेफ की सहयोगी संस्था लीड्स के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।

इस अवसर पर माननीय विधायक टुंडी ने कहा कि राज्य सरकार और यूनिसेफ के सहयोग से राज्य के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में काफी काम हो रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज में महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार लगातार इस तरह के कार्यक्रम करा कर लोगों को जागरूक कर रही है।

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि माहवारी की शुरुआत को एक पर्व की तरह मानने की पहल में धनबाद झारखंड का पहला जिला बना है। इसका उद्देश्य माहवारी की शुरुआत में किशोरियों की स्वच्छता और स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है। बताया कि आज से हर माह की 28 तारीख को जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में इसको उत्सव की तरह मानने का निर्णय लिया गया है।

बताया कि कार्यक्रम का मुख्य विषय “बाहा – जोआक संस्कार” (पहली माहवारी की शुरुआत) को कैसे मनाया जाय तथा माहवारी स्वच्छता, सुरक्षित निपटान और बेहतर खान पान पर केंद्रित था।

वहीं प्रखंड प्रमुख ने कहा कि माहवारी स्वच्छता के साथ साथ सुरक्षित निपटान भी जरूरी है। कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने “चुप्पी तोड़ो स्वास्थ्य रहो कैंपेन” के संबंध में विस्तार से प्रकाश डाला। जबकि अंचल अधिकारी ने माहवारी पर विशेष चर्चा की।

कार्यक्रम में तीन किशोरी, जिनकी प्रथम माहवारी हुई थी, का “बाहा – जोआक संस्कार” कराया गया।

उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम महिलाओं के स्वास्थ्य, मासिक धर्म स्वच्छता और महिला सम्मान को समाज के सामने खुलकर रखने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ। आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि झारखंड में पहली बार इस तरह का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसने महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को खुलकर समाज के बीच रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम के माध्यम से यह बताया गया कि माहवारी कोई शर्म या छुपाने की चीज नहीं, बल्कि महिलाओं के जीवन का एक सामान्य, प्राकृतिक और महत्वपूर्ण हिस्सा है।

मौके पर जिले के सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, सभी महिला पर्यवेक्षिका, आंगनवाड़ी सेविका, सहायिका, ग्रामीण और बड़ी संख्या में किशोरी उपस्थित थी।

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