
टीम अनंत सोच
धनबाद: धनबाद की राजनीति में सांसद ढुल्लू महतो और निरसा विधायक अरूप चटर्जी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। सांसद द्वारा उनके स्वर्गीय पिता पर की गई टिप्पणी से नाराज विधायक अरूप चटर्जी ने धनबाद परिसदन में प्रेस वार्ता कर पलटवार किया। उन्होंने सांसद के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि उनके पिता जीवनभर मजदूरों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहे और जनता आज भी उन्हें सम्मान के साथ याद करती है।
प्रेस वार्ता के दौरान अरूप चटर्जी ने सांसद ढुल्लू महतो पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले सांसद को अपने कार्यों की समीक्षा करनी चाहिए। विधायक ने दावा किया कि जिले में अवैध कोयला कारोबार को संरक्षण मिलने की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने हार्डकोक उद्योग को नुकसान पहुंचाने और चोरी के कोयले के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए।
विधायक ने सीबीआई और ईडी जांच संबंधी बयानों पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि कोई जनप्रतिनिधि स्वयं को पूरी तरह निर्दोष मानता है तो उसे किसी भी जांच से परहेज नहीं होना चाहिए। उन्होंने जमीन से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीबों की बात करने वाले नेताओं को अपने ऊपर लगे आरोपों का भी जवाब देना चाहिए।
गोविंदपुर-निरसा एलिवेटेड फ्लाईओवर को लेकर भी विधायक ने सांसद पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांग का परिणाम है और इसकी स्वीकृति सांसद बनने से पहले मिल चुकी थी। उनका आरोप था कि विकास योजनाओं का श्रेय लेने की राजनीति की जा रही है।
अरूप चटर्जी ने गया पुल निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि यह स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रयासों का नतीजा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सांसद केंद्र सरकार से क्षेत्र के लिए अपेक्षित विकास योजनाएं और संसाधन नहीं ला पाए हैं। फ्लाईओवर निर्माण में कमीशन के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी चिंता केवल निर्माण कार्य की पारदर्शिता और गुणवत्ता को लेकर है।
विधायक ने भाजपा पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी को अपने उम्मीदवारों के चयन पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने सांसद को राजनीतिक चुनौती देते हुए कहा कि जनता के बीच वास्तविक समर्थन का फैसला चुनाव में ही होगा।
गौरतलब है कि हाल ही में सांसद ढुल्लू महतो ने गोविंदपुर-निरसा एलिवेटेड फ्लाईओवर परियोजना को लेकर विधायक अरूप चटर्जी पर व्यक्तिगत टिप्पणी की थी। उसी बयान के बाद दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है, जिससे जिले का राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

