
टीम अनंत सोच
धनबाद: द ब्लैक पर्ल्स, ऑल इंडिया कल्चरल काउंसिल एवं रंग संस्कार थिएटर ग्रुप,अलवर (राजस्थान) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय ‘रंगशाला-2026’ थिएटर एवं कैमरा एक्टिंग कार्यशाला का शनिवार को लुबी सर्कुलर रोड स्थित विवाह मंडप में शुभारंभ हुआ। कार्यशाला के पहले दिन 60 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
मुख्य अतिथि पूर्व बियाडा चेयरमैन एवं समाजसेवी बिजय झा ने कहा कि धनबाद की पहचान दुनिया में कोयला नगरी के रूप में है, लेकिन कला और रंगमंच के क्षेत्र में अभी काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि यहां प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल उन्हें सही दिशा और प्रशिक्षण देने की है। उन्होंने कहा कि “नाटक केवल अदाकारी नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है।” विशेष रूप से सोशल मीडिया और अभिनय के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए ऐसी कार्यशालाएं बेहद उपयोगी हैं।
विशिष्ट अतिथि एवं खेल संघों से जुड़े जुबेर आलम ने कहा कि द ब्लैक पर्ल्स लंबे समय से रंगमंच और अभिनय के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है। संस्था से प्रशिक्षण प्राप्त कई युवा बॉलीवुड तक अपनी पहचान बना चुके हैं। उन्होंने युवाओं से इस तरह की कार्यशालाओं से जुड़कर अपनी प्रतिभा को निखारने की अपील की।
कार्यशाला संयोजिका शारदा गिरी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए रंगशाला-2026 की रूपरेखा और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सात दिनों तक प्रतिभागियों को थिएटर, कैमरा एक्टिंग, संवाद अदायगी, बॉडी लैंग्वेज, अभिव्यक्ति और अभिनय की बारीकियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पहले दिन मिला थिएटर और कैमरा एक्टिंग का प्रशिक्षण
कार्यशाला के पहले दिन राजस्थान से आए थिएटर प्रशिक्षक डॉ. देशराज मीणा और पश्चिम बंगाल की मोनालिशा ने प्रतिभागियों को थिएटर एवं कैमरा एक्टिंग की तकनीकों से अवगत कराया। उन्होंने अभिनय के साथ-साथ प्रभावी रील निर्माण, कैमरे के सामने प्रस्तुति और सोशल मीडिया कंटेंट से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की।
इस अवसर पर राम प्रवेश, महताब, किशोर, श्यामलाल, संजय माली, नरेश विश्वकर्मा, शत्रुघ्न महतो सहित विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

