
कोयला नीति, एफएसए, ई-ऑक्शन व अवैध खनन पर जताई चिंता; केंद्र व राज्य सरकार से ठोस पहल की मांग
-हरिहर नाथ त्रिवेदी
धनबाद। इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स एसोसिएशन, धनबाद ने अपने अस्तित्व के 93वें वर्ष में प्रवेश करते हुए कोयला एवं हार्ड कोक उद्योग के समक्ष उत्पन्न विभिन्न समस्याओं और चुनौतियों पर चिंता जताई। एसोसिएशन ने केंद्र सरकार, कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल), बीसीसीएल तथा राज्य सरकार से हार्ड कोक उद्योगों को पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण कोकिंग कोल उपलब्ध कराने और कोयला वितरण व्यवस्था में आवश्यक सुधार करने की मांग की।
एसोसिएशन के अध्यक्ष बी.एन. सिंह के अस्वस्थ रहने के कारण अध्यक्षीय भाषण एस.के. सिन्हा ने दिया। उन्होंने एसोसिएशन की लंबी यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन वर्ष 1933 से लगातार उद्योग जगत के हितों के लिए कार्य करता आ रहा है। कोयला खदानों के राष्ट्रीयकरण के बाद बदली परिस्थितियों में भी एसोसिएशन ने उद्योगों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है।
एस.के. सिन्हा ने कहा कि धनबाद और आसपास के क्षेत्रों के आर्थिक एवं औद्योगिक विकास में हार्ड कोक उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इन उद्योगों से बड़ी संख्या में लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है। वर्तमान समय में गुणवत्तापूर्ण कोकिंग कोल की उपलब्धता, कोयला वितरण व्यवस्था तथा लागत से जुड़ी समस्याओं के कारण उद्योगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
एसोसिएशन ने मांग की कि हार्ड कोक उद्योगों को प्राथमिकता के आधार पर कोकिंग कोल उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही फ्यूल सप्लाई एग्रीमेंट (FSA) व्यवस्था के नवीनीकरण और उसमें हार्ड कोक इकाइयों की आवश्यकताओं के अनुरूप सुधार की जरूरत बताई गई। एसोसिएशन के अनुसार धनबाद जिले एवं आसपास स्थित 98 से अधिक हार्ड कोक इकाइयों का संचालन पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण कोयला मिलने पर निर्भर है।
कार्यक्रम में ई-ऑक्शन व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि ई-ऑक्शन के माध्यम से ऊंची कीमत पर सीमित मात्रा में कोयला मिलने से उद्योगों की उत्पादन लागत प्रभावित होती है। एसोसिएशन ने वास्तविक औद्योगिक उपभोक्ताओं को उनकी जरूरत के अनुसार कोयले की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की।
कोयला चोरी, अवैध खनन, कोयला तस्करी और जबरन वसूली से संबंधित मामलों पर भी चिंता व्यक्त की गई। बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए इस दिशा में लगातार कार्रवाई की आवश्यकता बताई गई। अवैध खनन के कारण भूमिगत कोयला क्षेत्रों में जमीन धंसने जैसी घटनाओं पर भी चिंता जताई गई।
एसोसिएशन ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और इसके समग्र विकास के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। राज्य में औद्योगिक विकास के साथ-साथ बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य, शिक्षा और नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और बदलते वैश्विक आर्थिक माहौल का भी उल्लेख किया गया। वक्ताओं ने कहा कि वैश्विक स्तर पर होने वाले बदलावों का प्रभाव उद्योग और व्यापार पर भी पड़ता है। बदलते अंतरराष्ट्रीय परिवेश में भारत की भूमिका और आर्थिक मजबूती को महत्वपूर्ण बताया गया।
एसोसिएशन ने राज्य में कानून-व्यवस्था, व्यापारिक माहौल तथा उद्योगों की सुरक्षा से संबंधित विषयों पर भी अपनी बात रखी। प्रशासन द्वारा अपराध नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए संगठित अपराध और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने की जरूरत बताई गई।
सभा में एसोसिएशन के लंबे समय से जुड़े सदस्य एवं जूनियर वाइस प्रेसिडेंट रतन लाल अग्रवाल के निधन पर शोक व्यक्त किया गया और संगठन के प्रति उनके योगदान को याद किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि झारखंड और विशेष रूप से धनबाद के औद्योगिक विकास के लिए सरकार, उद्योग जगत और संबंधित संस्थाओं को समन्वित प्रयास करने होंगे। हार्ड कोक उद्योगों को पर्याप्त एवं गुणवत्तापूर्ण कोयला उपलब्ध होने तथा नीतिगत समस्याओं का समाधान होने से क्षेत्र में रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
कार्यक्रम का मंच संचालन आईआईटी के प्रोफेसर प्रमोद पाठक ने किया। अध्यक्ष बी.एन. सिंह के अस्वस्थ होने के कारण अध्यक्षीय भाषण एस.के. सिन्हा ने दिया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन भी एस.के. सिन्हा ने किया।
