
टीम अनंत सोच
धनबाद : भारतीय जीवन बीमा निगम,एलआईसी ने देश की सेवा के 70 वर्ष पूरे कर 71वें वर्ष में प्रवेश कर लिया है। 1 सितंबर 2026 को स्थापना के सात दशक पूरे होने के अवसर पर एलआईसी गेस्ट हाउस में बीमा कर्मचारी संघ, हजारीबाग मंडल की ओर से प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान मंडल अध्यक्ष हेमंत मिश्रा ने एलआईसी की उपलब्धियों और देश के विकास में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी।
मंडल अध्यक्ष हेमंत मिश्रा ने कहा कि वर्ष 1956 में एक छोटे पौधे के रूप में शुरू हुई एलआईसी की यात्रा आज विश्वास के एक विशाल बरगद के रूप में स्थापित हो चुकी है। सात दशकों के दौरान निगम ने न केवल करोड़ों परिवारों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान की है, बल्कि देश के आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास में भी अहम योगदान दिया है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में एलआईसी की कुल संपत्ति 59 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। वहीं, देश के विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और क्षेत्रों में निगम का निवेश 55 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। इनमें केंद्र और राज्य सरकारों की प्रतिभूतियों के अलावा आवास, सिंचाई, सड़क तथा अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाएं शामिल हैं।
हेमंत मिश्रा के अनुसार, एलआईसी का लगभग 40 लाख करोड़ रुपये विभिन्न सरकारी प्रतिभूतियों और विकास परियोजनाओं में निवेशित है। उन्होंने बताया कि पॉलिसीधारकों के हितों को ध्यान में रखते हुए निगम ने 59,726 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बोनस घोषित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 5.2 प्रतिशत अधिक है।
दावों के निपटारे के मामले में भी एलआईसी की स्थिति मजबूत बताई गई। मिश्रा ने कहा कि निगम लगभग 99 प्रतिशत दावों का निपटारा करता है। पिछले वित्तीय वर्ष में एलआईसी ने 253.91 लाख दावों का भुगतान किया। वहीं निगम का सॉल्वेंसी रेशियो 2.35 गुना रहा।
उन्होंने कहा कि पिछले 70 वर्षों में ने आम लोगों के बीच भरोसे और वित्तीय सुरक्षा की एक मजबूत पहचान बनाई है। यही कारण है कि आज भी देश के लाखों परिवार अपनी आर्थिक सुरक्षा के लिए एलआईसी पर विश्वास करते हैं।
प्रेस वार्ता में संगठन सचिव अमित कुमार, सहायक सचिव सुबीर कुमार राम सहित बीमा कर्मचारी संघ के कई पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।

