

टीम अनंत सोच
धनबाद : धनबाद में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने हजारों लोगों को लंबित कानूनी और मुआवजा मामलों से राहत दिलाई। बीसीसीएल सामुदायिक भवन, कोयला नगर में आयोजित इस लोक अदालत में दो लाख से अधिक विवादों के निस्तारण की प्रक्रिया पूरी की गई, जबकि कुल 15 अरब 67 करोड़ 25 लाख 20 हजार 215 रुपये से अधिक के विवादों का समाधान किया गया।
झारखंड विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), धनबाद की ओर से आयोजित कार्यक्रम में झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश सह झालसा अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान बीसीसीएल की ओर से करीब 15 अरब 65 करोड़ 58 लाख 45 हजार 152 रुपये के मुआवजे का भुगतान किया गया। इसके अतिरिक्त लगभग 1 अरब 66 करोड़ 34 लाख 63 हजार रुपये मूल्य की परिसंपत्तियों और नियुक्ति पत्रों का वितरण भी किया गया।
दोपहर दो बजे तक 1 लाख 63 हजार 441 मामलों का मौके पर ही निष्पादन किया जा चुका था। कार्यक्रम के दौरान कुल 2 लाख 72 हजार 696 विवादों के निस्तारण की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों और न्याय को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
उन्होंने बच्चों की शिक्षा को वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत बताया। साथ ही युवाओं को नशे से दूर रखने की अपील करते हुए कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति या परिवार को नहीं, बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करता है। ऐसे में युवाओं को इसके दुष्परिणामों से जागरूक करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने मुआवजा संबंधी मामलों के त्वरित निस्तारण पर भी जोर देते हुए कहा कि ऐसे विवादों को 30 दिनों के भीतर सुलझाने का प्रयास किया जाना चाहिए।
कोविड-19 महामारी के दौरान माता-पिता या अभिभावक खोने वाले 62 बच्चों को झालसा की प्रोजेक्ट शिशु योजना के तहत बीसीसीएल की सीएसआर योजना से जोड़ा गया। स्पॉन्सरशिप योजना के माध्यम से इन बच्चों को हर वर्ष 20 हजार से 50 हजार रुपये तक की छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाएगी।
लोक अदालत में सड़क दुर्घटना से जुड़े मामलों में भी पीड़ित परिवारों को बड़ी राहत मिली। दिवंगत डॉ श्याम सुंदर साह की पत्नी माया प्रसाद को जनरल इंश्योरेंस कंपनी से 1 करोड़ 41 लाख 33 हजार 932 रुपये का मुआवजा दिलाया गया। इस मामले में अधिवक्ता बी.के. सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वहीं सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाली शमीमा बानो के पति इमरान अंसारी को भी डालसा के हस्तक्षेप से 93 लाख 24 हजार 295 रुपये का मुआवजा मिला।
हाथियों द्वारा फसल और मकानों को नुकसान पहुंचाए जाने से प्रभावित 19 लाभुकों के बीच 8 लाख 32 हजार 848 रुपये की मुआवजा राशि वितरित की गई।
भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में भी लाभुकों को लाखों और करोड़ों रुपये का भुगतान कराया गया।
इसके अलावा दिव्यांग पूनम कुमारी और रितिक राज को पढ़ाई के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए। कई लाभुकों को सोलर पंप, पक्के मकान, साइकिल सहायता और सहिया किट समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान कई शिक्षण संस्थानों को सम्मानित भी किया गया।
मौके पर उपायुक्त आदित्य रंजन, एसएसपी प्रभात कुमार,बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, ग्रामीण एसपी मोहम्मद याकूब, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, पैरा लीगल वालंटियर, मेडिएटर सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
लोक अदालत से लाभान्वित लोगों ने कहा कि वे लंबे समय से सरकारी कार्यालयों और कानूनी प्रक्रियाओं के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन डालसा के प्रयास से उन्हें त्वरित राहत और न्याय मिल सका।
