धनबाद में कैमरे लगाने एवं नाबालिग चालकों पर नकेल कसने के लिए कुमार मधुरेंद्र सिंह ने डीटीओ को पत्र लिखा, प्रति पुलिस महानिदेशक को

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मनीष रंजन की रिपोर्ट

धनबाद जो झारखंड की आर्थिक राजधानी कहलाती है और देश की कोयला राजधानी भी है लेकिन जो एक विकसित शहर में ट्रैफिक सिग्नल एवं कैमरा का होना जरूरी होता है वह धनबाद जैसे औद्योगिक शहर में नहीं है यह अपने आप में आश्चर्य की बात है। धनबाद जहां आर्थिक अपराध बहुत होते हैं और उस आर्थिक संपन्नता के बीच प्रशासन की निष्क्रियता से लोगों में प्रशासनिक भय नहीं रहता है जिसकी वजह से धनबाद में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पाता है। प्रशासनिक समिति ट्रैफिक लाइट्स एवं कैमरा लगाने का लब्बोलुआब हमेशा दिखाती है पर वह सिर्फ बातों तक ही रह जाता है। प्रशासनिक एवं राजनीतिक शिथिलता से लोगों को असमय मौत के काल में समा जाना पड़ रहा है।
शहर में कैमरे एवं ट्रैफिक लाइट्स एवं नाबालिगों के द्वारा तेज गति से कार,एसयूवी एवं बाइक चलाने को लेकर धनबाद के सामाजिक कार्यकर्त्ता और लोकहक मानव सेवा काउंसिल के केंद्रीय उपाध्यक्ष कुमार मधुरेंद्र सिंह पहले भी जिले के प्रशासनिक पदाधिकारियों एवं राज्य के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर ईमेल कर हस्तक्षेप कर ठोस कदम की मांग की थी लेकिन अभी तक उस विषय को कभी भी गंभीरता से नहीं लिया गया जिसका परिणाम लोग भुगत रहें हैं। आज इसी कड़ी में धनबाद की दो मासूम बहनों की तेज रफ्तार स्कॉर्पियो जिसे दो नाबालिग लड़के चला रहे थे की गलती की वजह से असामयिक मौत हो गई। दो बहन स्कूल से स्कूटी से दूसरे लेन से जा रही थी। स्काॅर्पियो दूसरे लेन के डिवाइडर को तोड़कर स्कूटी सवार को मारकर पलट गई। आज फिर एक बार कुमार मधुरेंद्र सिंह ने धनबाद के जिला परिवहन पदाधिकारी को नाबालिगों पर नकेल कसने एवं शहर में चौक चौराहों पर कैमरा लगाने एवं ट्रैफिक सिग्नल पर अविलंब निर्णय कर धनबाद शहर को सुरक्षित बनाने के लिए प्रयास करने की अपील की है।

उन्होंने पत्र की प्रति झारखंड के पुलिस महानिदेशक, उपायुक्त,धनबाद, वरीय पुलिस अधीक्षक, धनबाद, नगर आयुक्त, धनबाद को तत्काल विचार कर निर्णय लेने के लिए दी है।

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