
टीम अनंत सोच
धनबाद: धनबाद में पहली बार आयोजित भव्य आम महोत्सव का उद्घाटन उपायुक्त आदित्य रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार एवं जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती शारदा सिंह के द्वारा किया गया। इस अवसर पर डीडीसी सन्नी राज एवं नगर आयुक्त आशीष गंगवार भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर जिले के किसानों और स्वयं सहायता समूहों ने विभिन्न प्रजातियों के ऑर्गेनिक आमों की प्रदर्शनी लगाई। महोत्सव में लंगड़ा, दशहरी, आम्रपाली, सिंदूरी, मल्लिका समेत कई लोकप्रिय किस्मों के आम बिक्री और प्रदर्शन के लिए उपलब्ध कराए गए। इसमें जापान की मियाजाकी आम का प्रदर्शन भी किया गया जो तीन लाख रुपए किलो बिकता है। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय किसानों को बाजार उपलब्ध कराना, उनकी आय बढ़ाना तथा बागवानी को प्रोत्साहित करना है।
धनबाद में पहली बार आयोजित आम महोत्सव लोगों के आकर्षण का केंद्र बना। महोत्सव का उद्घाटन करते हुए अतिथियों ने किसानों और स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया तथा आम की विभिन्न किस्मों की जानकारी प्राप्त की। प्रदर्शनी में जिले के किसानों द्वारा उगाए गए ऑर्गेनिक लंगड़ा, दशहरी, आम्रपाली, सिंदूरी, मल्लिका सहित कई अन्य प्रजातियों के आम प्रदर्शित किए गए। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने आमों की खरीदारी भी की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा गया कि कृषि के साथ-साथ बागवानी को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। आम उत्पादन से जुड़े किसानों को बेहतर बाजार, तकनीकी सहयोग और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनकी आय में वृद्धि की जा सकती है। प्रशासन किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
इस दौरान किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए बागवानी विकास, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार तथा बाजार व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया। कहा गया कि जिले में कृषि एवं बागवानी उत्पादों के लिए बेहतर विपणन व्यवस्था विकसित की जाएगी ताकि किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिल सके।
महोत्सव में यह भी घोषणा की गई कि बलियापुर, निरसा सहित जिले के विभिन्न हाट-बाजारों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर उन्नत किया जाएगा। इन बाजारों को उत्कृष्ट बाजार के रूप में विकसित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है, जिससे किसानों और ग्रामीण उत्पादकों को अपने उत्पाद बेचने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध हो सके।
आम महोत्सव में किसानों, स्वयं सहायता समूहों, कृषि विभाग के अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में आम प्रेमियों की सहभागिता रही। आयोजन ने न केवल जिले के आम उत्पादकों को नई पहचान दी, बल्कि स्थानीय कृषि और बागवानी उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी साबित हुआ।
