
टीम अनंत सोच
धनबाद: असर्फी कैंसर इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित दो दिवसीय “कैंसर कॉन्क्लेव 2026” का रविवार को सफल समापन हुआ। कॉन्क्लेव का दूसरा एवं अंतिम दिन पूरी तरह अकादमिक और वैज्ञानिक सत्रों को समर्पित रहा, जिसमें देशभर से आए कैंसर विशेषज्ञों ने आधुनिक उपचार तकनीकों, नवीनतम शोध, मल्टीडिसिप्लिनरी कैंसर मैनेजमेंट और गुणवत्तापूर्ण कैंसर देखभाल के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम में एम्स देवघर के निदेशक नितिन एम. गंगाने और बीबीएमकेयू के कुलपति राम कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने कैंसर उपचार में अनुसंधान, चिकित्सा शिक्षा और संस्थागत सहयोग की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने और चिकित्सा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने में अहम योगदान देते हैं।
कॉन्क्लेव में देश के विभिन्न राज्यों से आए 200 से अधिक चिकित्सकों और कैंसर विशेषज्ञों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने कैंसर उपचार की नवीनतम तकनीकों, शोध उपलब्धियों और सर्वोत्तम चिकित्सकीय प्रक्रियाओं पर अपने अनुभव साझा किए। इस व्यापक सहभागिता ने कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर का वैज्ञानिक मंच प्रदान किया।
इस अवसर पर असर्फी कैंसर इंस्टीट्यूट के सीईओ हरेंद्र सिंह, निदेशक डॉ नयन प्रकाश सिंह, जे.पी. सिंह, गोपाल सिंह, उदय प्रताप सिंह, ग्रोथ एंड डेवलपमेंट के प्रेसिडेंट शुभांशु रॉय तथा एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर मेहर खत्री समेत संस्थान के वरिष्ठ ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ बिप्लब मिश्रा, डॉ आशुतोष पराशर, डॉ रमेश कुमार, डॉ रजत मोहंती और डॉ प्रियंका असावा उपस्थित रहे।
वैज्ञानिक सत्रों में डॉ चंद्रशेखर (एचसीजी रांची), डॉ मनीषा वर्नेकर (सीएनसीआई कोलकाता), डॉ कुणाल रंजन (महावीर कैंसर संस्थान, पटना), डॉ एम.एम. बंद्योपाध्याय (क्लिनीलैब, धनबाद) और डॉ दीपक कुमार (रांची कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर) ने व्याख्यान प्रस्तुत किए। विशेषज्ञों ने कैंसर की प्रारंभिक पहचान, प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन एवं मेडिकल ऑन्कोलॉजी में हो रही प्रगति, जटिल मामलों के प्रबंधन और रोगी-केंद्रित उपचार पद्धतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान केस-आधारित चर्चाओं, नवीन शोध निष्कर्षों और आधुनिक उपचार प्रोटोकॉल पर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए अपने अनुभव साझा किए, जिससे प्रतिभागियों को चिकित्सा ज्ञान और व्यावसायिक कौशल को और बेहतर बनाने का अवसर मिला।
असर्फी कैंसर इंस्टीट्यूट प्रबंधन ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल उत्कृष्ट कैंसर उपचार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और सतत अकादमिक गतिविधियों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लगातार सुदृढ़ करना भी है। कैंसर कॉन्क्लेव 2026 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
दो दिवसीय इस आयोजन का समापन कैंसर जागरूकता, चिकित्सा शिक्षा और वैज्ञानिक आदान-प्रदान के मजबूत संदेश के साथ हुआ। विशेषज्ञों ने कहा कि समय पर पहचान, आधुनिक उपचार तकनीकों और ज्ञान-साझाकरण के माध्यम से कैंसर के खिलाफ लड़ाई को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
