टीम अनंत सोच 

धनबाद: धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर भाई-बहन के रिश्ते को निभाने की मिसाल धनबाद में देखने को मिल रही है। पिछले 12 वर्षों से रक्षा बंधन के अवसर पर मुस्लिम समुदाय से आने वाले समाजसेवी एवं चैंबर ऑफ कॉमर्स पुराना बाजार के अध्यक्ष सोहराब खान की कलाई पर हिंदू धर्म से जुड़ी पहला कदम स्कूल की संचालिका अनिता अग्रवाल राखी बांधती आ रही हैं। यह रिश्ता धनबाद की गंगा-जमुनी तहजीब,आपसी सौहार्द और सामाजिक एकता की खूबसूरत मिसाल बन गया है।

सोहराब खान पिछले कई वर्षों से पहला कदम स्कूल से जुड़े हुए हैं। इसी दौरान उनका अनिता अग्रवाल से भाई-बहन जैसा आत्मीय रिश्ता कायम हुआ। सोहराब खान उन्हें अपनी बड़ी बहन मानते हैं। हर वर्ष रक्षा बंधन पर अनिता अग्रवाल अपने भाई सोहराब की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर इस रिश्ते को और मजबूत करती हैं।

रक्षा बंधन के अवसर पर सोहराब खान ने कहा कि इंसानियत से बड़ा कोई मजहब नहीं होता। रक्षा बंधन केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कार, संस्कृति और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है। उन्होंने कहा,“अनिता अग्रवाल मेरी बड़ी बहन हैं। उनकी ओर से अपनी कलाई पर रक्षा सूत्र बंधवाकर मुझे गर्व महसूस होता है। यह रिश्ता प्रेम, विश्वास और भाईचारे का प्रतीक है।”

वहीं, अनिता अग्रवाल ने कहा कि “मेरा भाई सोहराब लाखों में एक है। वह इंसानियत और भाईचारे में विश्वास रखने वाले व्यक्ति हैं। पिछले 12 वर्षों से मैं रक्षा बंधन के अवसर पर उनकी कलाई पर राखी बांधती आ रही हूं और इस रिश्ते को लेकर मुझे बेहद खुशी और गर्व है।”

धर्म अलग होने के बावजूद भाई-बहन के इस रिश्ते ने यह संदेश दिया है कि प्रेम, विश्वास और इंसानियत के रिश्तों के सामने धर्म की दीवारें छोटी पड़ जाती हैं। सोहराब खान और अनिता अग्रवाल का यह आत्मीय संबंध समाज में आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की एक प्रेरणादायक तस्वीर पेश करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *