देश के चर्चित हास्य कवियों ने प्रस्तुतियों से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया

टीम अनंत सोच 

धनबाद: धनबाद क्लब के ओयस्टर हाॅल रविवार की शाम हास्य और व्यंग्य से सराबोर रही। हिंदी साहित्य विकास परिषद ट्रस्ट की ओर से आयोजित “हास्य उत्सव – हास्य कवियों के संग” में देश के चर्चित हास्य कवियों ने अपनी रचनाओं और चुटीले अंदाज से श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया। कार्यक्रम के दौरान पूरा सभागार तालियों और ठहाकों से गूंजता रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की गई। दीप प्रज्वलन में शिव बालक सिंह, अनंत नाथ सिंह, ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय आनंद, सचिव राकेश शर्मा, सीताराम सिंह, महेश मोदी, महेश प्रधान, जय प्रकाश अग्रवाल, डॉ. संगीता करण, धनबाद क्लब के सचिव बसंत हेलिवाल एवं दीपक सोनी सहित अन्य लोग शामिल रहे।

इसके बाद हास्य कवियों ने मंच संभाला। सम्पत सरल, सरदार मनजीत सिंह और अमित शुक्ला ने अपनी हास्य कविताओं, व्यंग्य और चुटीली प्रस्तुतियों से श्रोताओं को देर तक हंसाया। सम्पत सरल ने सामाजिक विषयों पर व्यंग्यात्मक रचनाएं प्रस्तुत कीं, जबकि सरदार मनजीत सिंह ने अपनी विशिष्ट हास्य शैली से दर्शकों का मनोरंजन किया। अमित शुक्ला की हास्य कविताओं को भी श्रोताओं की खूब सराहना मिली।

अनिता निःशब्द की तीन पुस्तकों का लोकार्पण

हास्य उत्सव के दौरान कवयित्री अनिता निःशब्द की तीन पुस्तकों “कविता की वंशी”, “अंतर्मन” और “नारी के वजूद” का संयुक्त रूप से लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और हास्य कवियों ने पुस्तकों का विमोचन किया। पुस्तक लोकार्पण के दौरान साहित्यप्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिला।

कार्यक्रम में धनबाद के स्थानीय कवि बसंत जोशी और सुशांत कुमार ने भी अपनी रचनाओं का काव्य पाठ किया। स्थानीय कवियों की प्रस्तुतियों को भी श्रोताओं ने सराहा।

ट्रस्ट के सचिव राकेश शर्मा ने कहा कि साहित्य सिर्फ गंभीर विषयों तक सीमित नहीं है। हास्य और व्यंग्य भी समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी जुड़ाव का प्रभावी माध्यम हैं। इसी उद्देश्य से धनबादवासियों के लिए हास्य उत्सव का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन साहित्य को आम लोगों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम में अशोक चौरसिया, संजय तिवारी, रविंद्र ठाकुर, शिवशक्ति प्रसाद, राहुल डोकानिया, डॉ मिहिर झा, विवेक रूंगटा, डॉ राजर्षि भूषण, डॉ जी.एल. प्रसाद, सज्जन खरकिया, प्रमोद अग्रवाल, कुंदन शर्मा, राहुल गोयल, संत कुमार श्रीवास्तव, विजय साँवरिया, संगीता प्रसाद, महेश गुटूगुटिया, गोपाल कटेसरिया, नीरज शर्मा, विनोद पांडेय, अजय शर्मा, प्रवीण अग्रवाल, सुधीर गोयल और तुलिका प्रकाश सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यवसायी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, सहयोगियों और उपस्थित श्रोताओं के प्रति आभार जताया। साथ ही भविष्य में भी साहित्य और संस्कृति से जुड़े ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित करने की बात कही गई।

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