
टीम अनंत सोच
धनबाद: बीबीएमकेयू के कुलपति प्रो राम कुमार सिंह के नेतृत्व में किए गए दो महत्वपूर्ण कृषि शोधों को भारतीय पेटेंट कार्यालय से बीस वर्षों के लिए पेटेंट प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि न केवल विश्वविद्यालय बल्कि पूरे कोयलांचल क्षेत्र के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है।
इन शोध कार्यों को आईआईटी बीएचयू एवं बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के सहयोग से पूरा किया गया। प्रो सिंह के साथ इस रिसर्च टीम में रेशु भारद्वाज, प्रीति मैती, ओम प्रकाश, शिवम तिवारी एवं प्रलय मैती भी शामिल रहे।
पहला पेटेंट “स्प्रेएबल हर्बिसाइड-बायोपॉलिमर फॉर्मूलेशन एंड मेथड ऑफ प्रिपरेशन” शीर्षक से मिला है। कोरोना काल के दौरान विकसित यह तकनीक जैव-पॉलिमर आधारित है, जो खरपतवार नियंत्रण को अधिक प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल बनाती है।
वहीं दूसरा पेटेंट “नैनोहर्बीसाइडल कंपोजिशन एंड ए मेथड फॉर इट्स प्रिपरेशन एंड यूसेज” के लिए प्रदान किया गया है। नैनो तकनीक पर आधारित यह शोध कम मात्रा में अधिक प्रभावी परिणाम देने में सक्षम है, जिससे किसानों की लागत कम होगी और कृषि उत्पादन में वृद्धि संभव होगी।
प्रो राम कुमार सिंह, जो आईआईटी बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान से भी जुड़े रहे हैं, ने कहा कि ये दोनों तकनीकें टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित होंगी। साथ ही यह शोध मिट्टी एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
