

टीम अनंत सोच
धनबाद/झरिया: 5 जून 2026 विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर झरिया कोयलांचल के बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश देते हुए ‘वृक्ष-प्रणाम’ कार्यक्रम आयोजित किया। सामाजिक संगठन इंस्टीट्यूशन फॉर नेशनल एमिटी (आईएनए) और कोलफील्ड चिल्ड्रन क्लासेज (सीसीसी) के संयुक्त तत्वावधान में बंगलीकोठी-जयरामपुर क्षेत्र में आयोजित इस अभियान में बच्चों ने कदम, शीशम,आम के लगभग 17 पौधे लगाए और उन्हें बड़ा करने तथा उनकी रक्षा करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का आयोजन उस क्षेत्र में किया गया, जहां नई कोयला खदानों के कारण दीपुधौड़ा (लोदना) से विस्थापित लगभग 70 परिवार वर्तमान में रह रहे हैं। पौधारोपण के बाद बच्चों ने जमीन पर माथा टेककर प्रकृति के प्रति सम्मान व्यक्त किया और पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली।
‘वृक्ष-प्रणाम’ कार्यक्रम से पहले बच्चों और युवाओं ने पौधों, पोस्टरों और आकर्षक बैनरों के साथ जागरूकता रैली निकाली। रैली में प्रदर्शित बैनर पर “सुजलाम्, सुफलाम्, मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलाम्, वंदे मातरम्” की पंक्तियां अंकित थीं, जिन्हें देखकर स्थानीय लोगों ने अपनी रूचि दिखाई।
रैली के दौरान बच्चों ने जोरदार नारों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। प्रमुख नारों में “वंदे मातरम् खूब गाएंगे, धरती को हरा बनाएंगे”, “पेड़ लगाओ – पृथ्वी बचाओ” तथा “वंदे मातरम् का मान बढ़ाना है, धरती पर पेड़ लगाना है” शामिल थे। बच्चों ने पूरे इलाके की परिक्रमा कर लोगों को हरित अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
वंदे मातरम् के 150 वर्ष और पर्यावरण चेतना
कार्यक्रम का नेतृत्व शिक्षक एवं सामाजिक कार्यकर्ता पिनाकी रॉय, मौसुमी रॉय और संजय पंडित ने किया।
इस अवसर पर पिनाकी रॉय ने कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1875 में रचित वंदे मातरम् केवल राष्ट्रभक्ति का गीत नहीं, बल्कि प्रकृति और हरित चेतना का भी संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् की पंक्तियों में प्रकृति की समृद्धि और सौंदर्य का अद्भुत वर्णन है। विश्व पर्यावरण दिवस के साथ-साथ वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर यह वृक्षारोपण अभियान हमारे लिए विशेष महत्व रखता है।
एक वर्ष तक चलेगी पौधों की देखभाल प्रतियोगिता
संस्था ने बच्चों को पौधों की देखभाल के लिए प्रेरित करने हेतु एक वर्ष की ‘पौध उगाओ प्रतियोगिता’ भी शुरू की है। यह अभियान 7 अगस्त तक विभिन्न चरणों में जारी रहेगा।
मौसुमी रॉय और संजय पंडित ने पौधों की सुरक्षा के लिए चार महत्वपूर्ण उपाय बताए—
1. पौधारोपण से कम से कम 10 दिन पहले गड्ढा तैयार करें।
2. पौधों के चारों ओर मजबूत बाड़ लगाएं।
3. कोयलांचल की धूल से पत्तियों को समय-समय पर साफ करें।
4. नियमित रूप से पानी देकर पौधों की देखभाल करें।
बड़ी संख्या में बच्चों और शिक्षकों की भागीदारी
‘सुजलाम्-सुफलाम्-मलयजशीतलाम्-शस्यश्यामलाम् वृक्षारोपण अभियान’ में पिनाकी रॉय, मौसुमी रॉय, संजय पंडित, मंजू देवी और आरती देवी सहित झरिया, केंदुआ और जयरामपुर क्षेत्र के अनेक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
प्रतिभागियों में मनु कुमार, देव कुमार, अमन कुमार, सन्नी कुमार, दीपशिखा कुमारी, चिराग कुमार, ललिता कुमारी, गायत्री कुमारी, पायल कुमारी, रिंकी कुमारी, मुस्कान कुमारी, गुंजन कुमारी, सिमरन कुमारी, तानिया कुमारी, नंदनी कुमारी, राजवीर कुमार, दुर्गी कुमारी, राजू कुमार, चंदिनी कुमारी और राहुल कुमार सहित 35 से अधिक बच्चे शामिल रहे।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। सभी बच्चों और उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे लगाए गए पौधों की रक्षा अपने मित्रों और परिवार के सदस्यों की तरह करेंगे तथा पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम को आगे बढ़ाएंगे।

