
टीम अनंत सोच
धनबाद: गोविंदपुर क्षेत्र के जिला परिषद संख्या-14 में बायोमेडिकल वेस्ट जलाने के विरोध को लेकर दर्ज मामले में जिला परिषद सदस्य स्वाति कुमारी सहित सात लोगों को धनबाद न्यायालय से जमानत मिल गई है। जमानत मिलने के बाद स्वाति कुमारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में बायोमेडिकल कचरे के निस्तारण को लेकर उठाई गई जनहित की आवाज को दबाने के लिए उन पर और ग्रामीणों पर मुकदमा दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते वे जनता की समस्याओं को उठाती रहेंगी और किसी भी दबाव या मुकदमे से पीछे हटने वाली नहीं हैं।
स्वाति कुमारी ने मामले में बरवाअड्डा थाना की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना था कि ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
वहीं, उनके प्रतिनिधि दिलीप चौधरी ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और अदालत से जमानत मिलना इस भरोसे को मजबूत करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बायोमेडिकल कचरे का उचित निस्तारण नहीं होने से आसपास के खेतों और खुले क्षेत्रों में इस्तेमाल किए गए बैंडेज, इंजेक्शन की सुइयां तथा अन्य चिकित्सीय अपशिष्ट पाए जा रहे हैं, जिससे किसानों और स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है।
दिलीप चौधरी ने कहा कि ग्रामीणों का विरोध किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा के मुद्दे को लेकर था। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र के किसान और ग्रामीण लंबे समय से इस समस्या से प्रभावित हैं तथा अब जनता अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर संगठित होकर आवाज उठाती रहेगी।

