
टीम अनंत सोच
धनबाद: जनता दल (यूनाइटेड) मजदूर प्रकोष्ठ की जिला स्तरीय बैठक रविवार को धनबाद परिसदन में आयोजित की गई। बैठक में आउटसोर्सिंग कंपनियों में कार्यरत मजदूरों की समस्याओं, श्रमिक अधिकारों और कार्यस्थलों पर व्याप्त अनियमितताओं को लेकर गंभीर चर्चा हुई। साथ ही केन्दुआडीह मुख्य मार्ग पर हुए भू-धंसान मामले को लेकर उच्चस्तरीय जांच एवं ठोस कार्रवाई की मांग उठाई गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 7 जुलाई को जदयू के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद खीरू महतो के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल भू-धंसान की घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा प्रभावित क्षेत्र में आवश्यक कदम उठाने की मांग करेगा।
बैठक के बाद जदयू जिला अध्यक्ष पिंटू सिंह ने कहा कि आउटसोर्सिंग कंपनियों में कार्यरत मजदूरों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। श्रमिकों को न तो पर्याप्त वेतन मिल रहा है और न ही श्रम कानूनों के अनुरूप सुरक्षा एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जदयू मजदूर प्रकोष्ठ मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष को और तेज करेगा।
पिंटू सिंह ने यह भी मांग की कि आउटसोर्सिंग कंपनियों में 70 प्रतिशत रोजगार स्थानीय युवाओं को दिया जाए, जबकि शेष 30 प्रतिशत नियुक्तियां योग्यता के आधार पर की जाएं। उनका कहना था कि इससे क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
जदयू मजदूर प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष सुभाष चंद्र सिंह ने कहा कि बीसीसीएल और आउटसोर्सिंग कंपनियों में कार्यरत मजदूरों के वेतन एवं सुविधाओं में भारी असमानता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग कंपनियों में श्रमिकों से कम मानदेय पर 12-12 घंटे तक कार्य कराया जाता है, जबकि उन्हें पर्याप्त सुविधाएं भी नहीं मिलतीं।
उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर श्रमिकों के हित में आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की। बैठक में मजदूरों के अधिकारों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संगठित आंदोलन चलाने पर भी जोर दिया गया।

