
टीम अनंत सोच
धनबाद: नगर निगम क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समाजसेवी कुमार मधुरेन्द्र सिंह ने नगर आयुक्त से कई सवाल पूछते हुए फूड सेफ्टी अधिकारियों की जिम्मेदारी स्पष्ट करने और उनके कार्यों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
नगर आयुक्त को पत्र लिखकर ईमेल कर उन्होंने कहा है कि जिले में फूड सेफ्टी के जिला पदाधिकारी राजा कुमार हैं। वहीं, नगर निगम क्षेत्र में तीन फूड सेफ्टी पदाधिकारियों के पदस्थापित होने की बात सामने आ रही है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि ये अधिकारी नगर निगम क्षेत्र के 55 वार्डों में किस प्रकार की जांच और कार्रवाई कर रहे हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि नगर निगम क्षेत्र में मीट दुकानों, ठेला-खोमचा, झोपड़ीनुमा होटल, खाद्य दुकानों तथा मुख्यमंत्री दाल-भात योजना के केंद्रों की नियमित जांच की जाती है या नहीं। उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों द्वारा की जा रही जांच और कार्रवाई की खबरें भी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आती हैं।
कुमार मधुरेन्द्र सिंह ने हाल में बारामुड़ी क्षेत्र में ट्रेलर के माध्यम से गुटखा से संबंधित अवैध गतिविधि और आग लगने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि संबंधित वाहन नगर निगम क्षेत्र से होकर गुजरा होगा। यदि रास्ते में नियमित जांच-पड़ताल की व्यवस्था होती, तो संभव है कि मामले का पता पहले ही चल जाता।
उन्होंने नगर आयुक्त से मांग की है कि यदि नगर निगम में तीन फूड सेफ्टी पदाधिकारी पदस्थापित हैं, तो उन्हें निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में ठेला-खोमचा, मीट दुकानों, होटलों तथा अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच का दायित्व दिया जाए। साथ ही, जनहित में इन अधिकारियों के नाम और मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए जाएं, ताकि आम नागरिक खाद्य सुरक्षा से संबंधित शिकायतें सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा सकें।
समाजसेवी कुमार मधुरेन्द्र सिंह ने अपने पत्र की प्रतिलिपि झारखंड सरकार के नगर विकास विभाग के मंत्री को भी भेजकर मामले का संज्ञान लेने का अनुरोध किया है।
