टीम अनंत सोच 

धनबाद: साइबर अपराध के मामलों की जांच को अधिक प्रभावी और न्यायालय में मजबूत बनाने के उद्देश्य से शनिवार को समाहरणालय स्थित पुलिस सभागार में विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में पुलिस अधिकारियों और अनुसंधानकर्ताओं को डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन, संरक्षण और न्यायालय में उनकी साक्ष्यात्मक वैल्यू बनाए रखने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के दौरान साइबर डीएसपी प्रदीप कुमार साव ने बताया कि जिले में 17 अगस्त से साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में रात्रि चौपाल आयोजित कर लोगों को साइबर ठगी से बचाव और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

प्रशिक्षण शिविर में साइबर अपराध की विवेचना के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट समेत अन्य डिजिटल उपकरणों की जब्ती की निर्धारित प्रक्रिया पर विशेष चर्चा हुई। साथ ही जब्त उपकरणों की वैज्ञानिक तरीके से डिजिटल इमेजिंग और साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई।

अधिकारियों को बताया गया कि डिजिटल साक्ष्यों के संकलन से लेकर उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत करने तक प्रत्येक प्रक्रिया का वैज्ञानिक और कानूनी मानकों के अनुरूप होना जरूरी है। इससे साक्ष्यों की विश्वसनीयता मजबूत होती है और साइबर अपराधियों के खिलाफ न्यायालय में कार्रवाई को पुख्ता आधार मिलता है।

शिविर में नवीनतम फॉरेंसिक तकनीकों, डिजिटल उपकरणों की जब्ती और साइबर अपराध अनुसंधान की आधुनिक कार्यप्रणाली पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य अनुसंधानकर्ताओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर साइबर अपराध के मामलों की जांच और अभियोजन को अधिक प्रभावी बनाना रहा।

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