

चंदन पाल की रिपोर्ट
धनबाद: नगर निकाय चुनाव को लेकर आरक्षण व्यवस्था पर उठे सवाल पर सबकी नजर झारखंड उच्च न्यायालय पर टिक गई हैं। धनबाद के समाज सेवी,शांतनु चंद्र द्वारा दायर याचिका पर कल 7 जनवरी को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। यह जानकारी आज समाजसेवी शांतनु चंद्र ने मीडिया को दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में राज्य सरकार को अपना जवाब दाखिल करना था, लेकिन सरकार की ओर से जवाब नहीं सौंपा जा सका। इसके बाद माननीय न्यायालय ने अगली सुनवाई की तिथि 7 जनवरी निर्धारित की है और राज्य सरकार को स्पष्ट जवाब देने का निर्देश दिया है। उन्होने कहा कि राज्य सरकार नगर निकाय चुनाव कराने की पूरी तैयारी कर चुकी है लेकिन आरक्षण को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। सरकार ने कोर्ट को यह जानकारी दी है कि नगर निकाय चुनाव आबादी के आधार पर कराए जाएंगे, जिसमें अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) को अलग-अलग दर्जे में आरक्षण दिया जाएगा। याचिकाकर्ता का आरोप है कि सरकार हाईकोर्ट की आड़ में किसी भी तरह चुनाव प्रक्रिया पूरी करना चाहती है, जबकि वास्तविक आबादी के अनुसार आरक्षण लागू नहीं किया जा रहा।शांतनु चंद्र ने अपनी याचिका में विशेष रूप से धनबाद जिले का मामला उठाया है। उनका कहना है कि धनबाद जिले में अनुसूचित जनजाति की आबादी अधिक है, इसके बावजूद जिले को वह दर्जा और आरक्षण नहीं दिया जा रहा जिसका वह हकदार है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आबादी के आधार पर रांची जिले को विशेष दर्जा दिया गया है वहीं आदित्यपुर को भी यह दर्जा प्राप्त है, तो फिर धनबाद को इससे वंचित क्यों रखा जा रहा है।
