चंदन पाल की रिपोर्ट 

धनबाद: भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत खान सुरक्षा महानिदेशालय डीजीएमएस ने 7 जनवरी 2026 को धनबाद स्थित अपने मुख्यालय में 125वां स्थापना दिवस बड़े ही गरिमामय और ऐतिहासिक तरीके से मनाया। यह अवसर खनन क्षेत्र में सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए डीजीएमएस द्वारा पिछले एक सदी से अधिक समय से किए जा रहे समर्पित प्रयासों और योगदान को रेखांकित करता है।

इस मौके पर बताया गया कि डीजीएमएस ने अपनी स्थापना के बाद से देश के खनन उद्योग को सुरक्षित, टिकाऊ और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। खनिकों की जान की सुरक्षा, उनके स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर बेहतर परिस्थितियों को सुनिश्चित करने की दिशा में डीजीएमएस लगातार कार्य करता रहा है।

खान अधिनियम, 1952 ने भारतीय खनन उद्योग को पारंपरिक और मैनुअल तरीकों से निकालकर आधुनिक, तकनीक-संचालित और स्वचालन आधारित सुरक्षित खनन पद्धतियों की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभाई। समय-समय पर इस अधिनियम में संशोधन किए गए, जिससे कोयला, धात्विक एवं तेल खानों में बढ़ती जटिलताओं के अनुरूप सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण मानकों को और अधिक सुदृढ़ किया जा सका।

यह समारोह इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि 21 नवंबर 2025 से खान अधिनियम, 1952 के निरस्त होने के बाद DGMS ने व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य शर्तें (OSHW Code), 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए खुद को पूरी तरह तैयार कर लिया है। इसके साथ ही DGMS ने एक नए नियामक युग में प्रवेश किया है, जिसमें वह निरीक्षक-सह-सुविधादाता की भूमिका निभाते हुए जोखिम-आधारित, तकनीक-सक्षम और श्रमिक-केंद्रित सुरक्षा प्रशासन को और मजबूत कर रहा है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे उपस्थित रहीं। उनके साथ विशिष्ट अतिथियों में डीजीएमएस महानिदेशक  उज्ज्वल ताह, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की संयुक्त सचिव  दीपिका कच्छल, धनबाद सांसद  ढुलू महतो, विधायक राज सिन्हा, विधायक शत्रुघ्न महतो, विधायक रागिनी सिंह समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए।

इसके अलावा आइआइटी-आइएसएम धनबाद, सिंफर, विभिन्न शोध संस्थानों, राज्य प्रशासन, केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, खनन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि और डीजीएमएस के वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

स्थापना दिवस के अवसर पर डीजीएमएस ने अपना नया लोगो लॉन्च किया, जो आधुनिक खनन परिदृश्य और भविष्य की चुनौतियों को दर्शाता है। साथ ही डीजीएमएस थीम सॉन्ग, एक यादगार डाक टिकट, एक कंपेंडियम और एक कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया गया।

125वें स्थापना दिवस के अवसर पर यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि डीजीएमएस आने वाले समय में भी खनन क्षेत्र में सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तकनीक और नवाचार के माध्यम से देश के खनन उद्योग को नई दिशा देगा। यह समारोह न केवल अतीत की उपलब्धियों का उत्सव था, बल्कि सुरक्षित और जिम्मेदार खनन के भविष्य की मजबूत नींव भी साबित हुआ।

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