टीम अनंत सोच 

धनबाद: बीमा कर्मचारी संघ हजारीबाग मंडल की धनबाद इकाई 1, 2, 3, 4, वेतन बचत योजना प्रकोष्ठ तथा गोविंदपुर इकाई का संयुक्त वार्षिक आम सम्मेलन आईसीए हॉल, जोराफाटक रोड, धनबाद में आयोजित किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों ने भाग लिया।

सम्मेलन में केंद्र सरकार की नीतियों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण, श्रमिक कानूनों में किए जा रहे बदलावों तथा कर्मचारियों के अधिकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण और श्रमिक हितों की रक्षा के लिए संगठित संघर्ष की आवश्यकता पर बल दिया।

संघ के महामंत्री जगदीश चंद्र मित्तल ने कहा कि वर्तमान समय में ट्रेड यूनियन आंदोलन कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विस्तारवादी नीतियां दुनिया भर में अस्थिरता पैदा कर रही हैं और श्रमिक वर्ग पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

संघ के अध्यक्ष हेमंत मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा आज की बड़ी जरूरत है। उन्होंने कर्मचारियों और मजदूरों से एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया।

संयुक्त सचिव धर्म प्रकाश ने चुनावी और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की नीतियों की आलोचना को भी कई बार संदेह की दृष्टि से देखा जाता है। वहीं संगठन सचिव अमित कुमार ने कहा कि ट्रेड यूनियन ही कर्मचारियों और मजदूरों के हितों की आवाज बुलंद करने का सबसे प्रभावी मंच है।

सहायक सचिव सुबीर राम ने रोजगार में बढ़ती अस्थिरता को अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि अस्थायी नौकरियों का बढ़ता चलन सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को प्रभावित कर रहा है। सम्मेलन में कई वक्ताओं ने एलआईसी में क्लास-3 एवं क्लास-4 कर्मियों की शीघ्र बहाली की मांग भी उठाई।

कार्यक्रम को मंडल संगठन सचिव मदन पाठक, संयुक्त सचिव सुशील सिंह, सहायक सचिव दुर्गा सिंह तथा संगठन सचिव राकेश कुमार ने भी संबोधित किया और कर्मचारियों से संगठन को और मजबूत बनाने की अपील की।

सम्मेलन की अध्यक्षता एवं मंच संचालन हेमंत मिश्रा ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में राहुल कुमार, राकेश कुमार, जनता राम, राजबंशी, बासु बहादुर, निशेष कुमार, स्वपन दास, संजय पाठक, मुकेश कुमार, जोगेश्वर राम, आभा सिन्हा एवं रुमा मजूमदार सहित अनेक सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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