
टीम अनंत सोच
धनबाद: भगवान बिरसा मुंडा की 126वीं पुण्यतिथि के अवसर पर सोमवार को बैंक मोड़ स्थित उनकी आदमकद प्रतिमा पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन, नगर आयुक्त आशीष गंगवार, सदर अनुमंडल दंडाधिकारी लोकेश बारंगे समेत कई अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा आदिवासी अस्मिता, संस्कृति और स्वाभिमान के प्रतीक थे। उन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए समाज को संगठित किया तथा लोगों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया। अंग्रेजी शासन के खिलाफ पारंपरिक भूमि अधिकारों, सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक आस्थाओं की रक्षा के लिए उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शहीद बिरसा मुंडा स्मारक स्मृति संचालन समिति के संयोजक महादेव हांसदा ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा केवल झारखंड आंदोलन के प्रेरणास्रोत ही नहीं, बल्कि देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों में भी शामिल हैं। उनके विचार और आदर्श आज भी समाज को नई दिशा प्रदान करते हैं।
उन्होंने बताया कि समिति द्वारा प्रत्येक वर्ष भगवान बिरसा मुंडा की जयंती और पुण्यतिथि पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें जिला प्रशासन को आमंत्रित किया जाता है। इस वर्ष भी उपायुक्त आदित्य रंजन ने उपस्थित होकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर नारायण महतो, अवध पासवान, किशोर मुर्मू, राम बाबू कुमार, जितेंद्र कुमार पासवान, रति उरांव, सुनील कुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

