
टीम अनंत सोच
धनबाद: धनबाद थाना क्षेत्र के चंचनी कॉलोनी स्थित एक व्यवसायी के बंगले में कार्यरत निजी गार्ड की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने 15 लाख रुपये मुआवजे की मांग करते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया और बंगले परिसर में ही धरने पर बैठ गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।
मृतक की पहचान ठाकुर कुल्ही निवासी 45 वर्षीय अनिल कुमार सिंह के रूप में हुई है। बताया जाता है कि वह पिछले लगभग 20 वर्षों से व्यवसायी जितन अग्रवाल के बंगले में निजी गार्ड के रूप में कार्यरत थे और वहीं रहकर 24 घंटे ड्यूटी करते थे। गुरुवार सुबह परिवार के लोगों को फोन कर बंगले पर बुलाया गया, लेकिन उन्हें पहले अनिल की मौत की जानकारी नहीं दी गई। मौके पर पहुंचने पर परिजनों ने अनिल को मृत अवस्था में पाया।
मृतक के चचेरे भाई कमलेश सिंह ने आरोप लगाया कि अनिल के कान और मुंह से खून निकल रहा था, जिससे मौत को लेकर संदेह पैदा हो गया है। उनका कहना है कि यदि उनकी तबीयत खराब थी तो समय रहते परिवार को सूचना दी जानी चाहिए थी, ताकि उन्हें अस्पताल ले जाया जा सके। परिजनों ने मौत में लापरवाही या किसी अन्य कारण की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और राजनीतिक कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। राजद नेता गणेश यादव ने मृतक के परिवार को 15 लाख रुपये मुआवजा देने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तब तक शव नहीं उठाया जाएगा।
मामले को लेकर धनबाद थाना प्रभारी मनोज पांडे ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
वहीं श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी ऋषि कुमार प्रजापति ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला प्राकृतिक मृत्यु का प्रतीत होता है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

