
टीम अनंत सोच
धनबाद: जगजीवन नगर स्थित श्रम कार्यालय के समक्ष मंगलवार को सुरक्षा प्रहरी कर्मचारी संघ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सांकेतिक भूख हड़ताल की। प्रदर्शन के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने आईआईटी-आईएसएम से हटाए गए 110 सुरक्षा गार्डों की तत्काल पुनर्बहाली तथा संबंधित संस्थान का पंजीकरण रद्द करने की मांग उठाई।
संघ के नेताओं ने आरोप लगाया कि करीब 14 महीने पहले 110 सुरक्षा गार्डों को बिना किसी उचित कारण के सेवा से हटा दिया गया। इसके बाद से प्रभावित कर्मचारी लगातार श्रम विभाग और संबंधित अधिकारियों से न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर आईआईटी-आईएसएम के निदेशक से भी कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया। उनका दावा है कि कानूनी और विभागीय प्रक्रिया के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संस्थान का पंजीकरण नियमानुसार नहीं है और उसे अनुचित श्रम व्यवहार का दोषी भी पाया गया है। इस संबंध में कार्रवाई के लिए मामला दिल्ली भेजा गया है, लेकिन अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
संघ ने कहा कि प्रशासनिक देरी का सबसे अधिक नुकसान मजदूरों और उनके परिवारों को उठाना पड़ रहा है। कई कर्मचारी 25 वर्षों से सेवा दे रहे थे, लेकिन नौकरी जाने के बाद उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और कई परिवारों के जरूरी सामाजिक कार्य भी अटके हुए हैं।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि बिना ठोस कारण कर्मचारियों को सेवा से हटाना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

