
टीम अनंत सोच
धनबाद: धनबाद शहर में लगातार हो रही बिजली कटौती, लो-वोल्टेज, ट्रिपिंग और पुराने विद्युत नेटवर्क की समस्याओं को लेकर बैंक मोड़ चैंबर ऑफ कॉमर्स, कार्यालय में आयोजित परचर्चा में जेबीवीएनएल, धनबाद के महाप्रबंधक के साथ विधुत विभाग के सभी वरीय पदाधिकारियों ने व्यवसायियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान बैंक मोड़ चैंबर के अध्यक्ष प्रमोद गोयल के नेतृत्व ने जेबीवीएनएल,धनबाद के महाप्रबंधक को 15 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया।
चैंबर ने धनबाद की विद्युत व्यवस्था को आधुनिक, स्मार्ट और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।
बैंक मोड़ चैंबर ऑफ कॉमर्स ने धनबाद विद्युत आपूर्ति क्षेत्र के महाप्रबंधक को दिए पत्र में कहा है कि धनबाद देश की ऊर्जा राजधानी होने के साथ-साथ एक प्रमुख औद्योगिक और व्यावसायिक शहर है। यहां उद्योग, व्यापार, अस्पताल, शिक्षण संस्थान और लाखों नागरिक निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति पर निर्भर हैं। इसके बावजूद बार-बार बिजली कटौती, लो-वोल्टेज, ट्रिपिंग, छोटे फॉल्ट पर पूरे फीडर का बंद होना, मरम्मत में देरी और बिना पूर्व सूचना के शटडाउन जैसी समस्याओं से व्यापार और आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
चैंबर ने मांग की है कि यदि 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति संभव नहीं है तो कम से कम क्षेत्रवार लोड शेडिंग और शटडाउन की समय-सारिणी सार्वजनिक की जाए। निर्धारित शटडाउन और मेंटेनेंस की सूचना एसएमएस, व्हाट्सएप और मोबाइल एप के माध्यम से पहले से उपलब्ध कराई जाए, ताकि नागरिक और व्यापारी अपने कार्यों की योजना बना सकें।
मांग पत्र में यह भी कहा गया है कि किसी एक ट्रांसफॉर्मर में फॉल्ट आने पर पूरे फीडर की बिजली बंद करने के बजाय केवल प्रभावित क्षेत्र तक ही शटडाउन सीमित रखा जाए। इसके लिए आरएमयू (Ring Main Unit), सेक्शनलाइजर, ऑटो-रीक्लोजर जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने की मांग की गई है। साथ ही जर्जर तारों, पुराने ट्रांसफॉर्मरों और ओवरलोडेड फीडरों के उन्नयन, नए सब-स्टेशन और अतिरिक्त फीडर स्थापित कर वितरण क्षमता बढ़ाने का भी सुझाव दिया गया है।
चैंबर ने घनी आबादी और प्रमुख बाजारों में चरणबद्ध तरीके से भूमिगत केबलिंग, पुराने विद्युत नेटवर्क के आधुनिकीकरण तथा बैंक मोड़, पुराना बाजार, हीरापुर, सरायढेला, झरिया रोड सहित प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों को हाई-प्रायोरिटी फीडर से जोड़ने की मांग की है। साथ ही लाइन मेंटेनेंस और शटडाउन को रात्रि अथवा कम व्यावसायिक समय में करने का सुझाव दिया गया है ताकि व्यापार प्रभावित न हो।
मांग पत्र में स्थिर वोल्टेज सुनिश्चित करने, फॉल्ट शिकायतों के त्वरित निवारण, ऑनलाइन शिकायत ट्रैकिंग सिस्टम, प्रत्येक विद्युत प्रमंडल में अतिरिक्त स्पेयर ट्रांसफॉर्मर उपलब्ध कराने, अस्पतालों, ट्रैफिक सिग्नलों, अग्निशमन सेवाओं और प्रमुख बाजारों के लिए वैकल्पिक बिजली व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया है।
इसके अलावा पेड़ों की नियमित छंटाई, जर्जर तारों के प्रतिस्थापन, ढीले कनेक्शनों की मरम्मत, प्रभावी प्रिवेंटिव मेंटेनेंस और व्यापारियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन या नोडल अधिकारी नियुक्त करने की भी मांग की गई है।
चैंबर ने कहा कि धनबाद जैसे शहर के नागरिकों और व्यापारियों को विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति मिलना उनका अधिकार है। व्यापारिक वर्ग समय पर बिजली बिल और करों का भुगतान करता है तथा राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है। ऐसे में बिजली वितरण व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाना आवश्यक है। चैंबर ने उम्मीद जताई है कि बिजली विभाग इन सुझावों पर गंभीरता से विचार कर समयबद्ध कार्य योजना तैयार करेगा।
