टीम अनंत सोच 

धनबाद: राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत टीबी मुक्त भारत अभियान को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य कर्मियों के लिए एक दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में सहिया साथी, बीटीटी, एसटीएस, एसटीएलएस और टीबी हेल्थ विजिटर्स सहित 175 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस दौरान टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान, समय पर जांच, उपचार और जनभागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

एमटीसी सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा एवं जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ रेखा कुमारी ने संयुक्त रूप से किया। अधिकारियों ने कहा कि वर्ष 2025 तक टीबी उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में सहिया, स्वास्थ्य कर्मियों और सामुदायिक स्वयंसेवकों की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि संदिग्ध टीबी मरीजों की समय पर पहचान और जांच से संक्रमण की श्रृंखला को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।

प्रशिक्षण के दौरान राज्य से आए स्टेट प्रोग्राम ऑफिसर (निक्षय मित्र पहल) दीपक ठक्कर ने प्रतिभागियों को टीबी के लक्षण, जांच प्रक्रिया, उपचार, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, उपचार अनुपालन और सामुदायिक सहभागिता से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को प्रतिमाह एक हजार रुपये की पोषण सहायता प्रदान करती है। साथ ही निक्षय मित्र पहल और पोषण पोटली के माध्यम से मरीजों को अतिरिक्त पोषण एवं सामाजिक सहयोग भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

प्रशिक्षण में सभी प्रतिभागियों को टीबी मुक्त भारत ऐप के उपयोग की जानकारी दी गई तथा उन्हें स्वयंसेवक के रूप में ऐप पर पंजीकृत भी कराया गया। सक्रिय टीबी खोज अभियान के तहत 75 लोगों की डिजिटल चेस्ट एक्स-रे स्क्रीनिंग की गई, जबकि जरूरत के अनुसार बलगम के नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए।

जिला कार्यक्रम समन्वयक कौशलेंद्र कुमार सिंह ने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक संभावित टीबी मरीजों की पहचान कर जांच और उपचार सुनिश्चित करें। उन्होंने पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने, सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने और अधिक से अधिक ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत बनाने के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में एसटीएलएस ओमप्रकाश पासवान, संजय कुमार, बीरचंद्र ठाकुर, नौशाद आलम अंसारी, संजय जायसवाल, राजेश कुमार, सरिता कुमारी, राधा कुमारी, मजहर अंसारी, राजदेव महाराज, रवीश कुमार, वीरेंद्र कुमार, जयकांत कुमार, राकेश कुमार, मनोवर आलम और तनवीर आलम सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी एवं विभागीय पदाधिकारी मौजूद रहे। 

जिला स्वास्थ्य समिति ने आम नागरिकों से अपील की कि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में निःशुल्क जांच कराएं और टीबी मुक्त धनबाद एवं टीबी मुक्त भारत अभियान में सक्रिय सहयोग दें।

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