मीडिया कर्मियों की हुई नि:शुल्क कैल्शियम स्कोरिंग जांच, विशेषज्ञों ने बताए हृदय रोग से बचाव के उपाय

टीम अनंत सोच
धनबाद। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर धैया स्थित इमेजिका डायग्नोस्टिक्स में हृदय स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को हृदय रोग के बढ़ते जोखिम, शुरुआती पहचान और आधुनिक जांच तकनीकों की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान मीडिया कर्मियों के लिए कोरोनरी आर्टरी कैल्शियम स्कोरिंग (CAC Scoring) की नि:शुल्क जांच भी की गई। कार्यक्रम के अंत में केक काटकर विश्व हृदय दिवस मनाया गया।
कार्यक्रम में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सूरज एच. चवन ने कहा कि हृदय रोग अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है। बदलती जीवनशैली, शारीरिक गतिविधियों की कमी, धूम्रपान, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल और पारिवारिक इतिहास जैसे कारण कम उम्र में भी हृदय रोग का खतरा बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कोरोनरी धमनियों में एथेरोस्क्लेरोटिक प्लाक का निर्माण कई बार लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के होता रहता है। समय पर पहचान नहीं होने पर यही स्थिति आगे चलकर गंभीर हृदय संबंधी जटिलताओं का कारण बन सकती है।
डॉ. चवन के अनुसार, Coronary Artery Calcium Scoring नॉन-कॉन्ट्रास्ट CT आधारित नॉन-इनवेसिव जांच है। इसके जरिए कोरोनरी धमनियों में जमा कैल्सिफाइड प्लाक के स्तर का आकलन किया जाता है। उपयुक्त मरीजों में यह जांच भविष्य के कार्डियोवैस्कुलर जोखिम के आकलन में चिकित्सकों को महत्वपूर्ण जानकारी दे सकती है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि कैल्शियम स्कोर की रिपोर्ट का मूल्यांकन मरीज की उम्र, लक्षण, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, लिपिड प्रोफाइल, धूम्रपान और अन्य जोखिम कारकों को ध्यान में रखकर ही किया जाना चाहिए।
उन्होंने लोगों से सीने में दर्द, सांस फूलना, असामान्य थकान जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की। साथ ही संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण, धूम्रपान और तंबाकू से दूरी, रक्तचाप एवं मधुमेह पर नियंत्रण तथा समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को हृदय स्वास्थ्य के लिए जरूरी बताया।
इमेजिका डायग्नोस्टिक्स के संचालक एवं रेडियोलॉजिस्ट डॉ. मिहिर कुमार झा ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा में कार्डियक इमेजिंग ने हृदय रोगों की पहचान और जोखिम के आकलन को अधिक वैज्ञानिक बनाया है। कैल्शियम स्कोरिंग जैसी नॉन-इनवेसिव CT आधारित जांच कोरोनरी धमनियों में कैल्सिफाइड प्लाक के बोझ का आकलन करने में मदद करती है।
उन्होंने कहा कि इमेजिका डायग्नोस्टिक्स का उद्देश्य आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ लोगों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना भी है। विश्व हृदय दिवस पर मीडिया कर्मियों के लिए नि:शुल्क कैल्शियम स्कोरिंग जांच इसी उद्देश्य की दिशा में एक पहल है। उन्होंने कहा कि मीडिया समाज तक स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता का संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
डॉ. झा ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी स्क्रीनिंग जांच को चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। जांच रिपोर्ट की व्याख्या मरीज की क्लिनिकल हिस्ट्री, कार्डियोवैस्कुलर जोखिम कारकों और जरूरत के अनुसार अन्य जांचों के साथ विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा की जानी चाहिए।
कार्यक्रम में हार्ट अटैक, कोरोनरी आर्टरी डिजीज, कोरोनरी एथेरोस्क्लेरोसिस, हाइपरटेंशन, डायबिटीज और डिस्लिपिडेमिया जैसे हृदय रोगों से जुड़े जोखिम कारकों पर भी चर्चा हुई। लोगों को नियमित शारीरिक गतिविधि, पौष्टिक भोजन, पर्याप्त नींद, तनाव प्रबंधन और तंबाकू से दूरी बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया।
इमेजिका डायग्नोस्टिक्स की ओर से बताया गया कि संस्थान में MRI, CT Scan, Ultrasound, FibroScan, Echocardiography, Digital X-Ray, ECG, TMT, NCV, Mammography, OPG, Endoscopy सहित विभिन्न प्रकार की पैथोलॉजी जांच की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
कार्यक्रम में स्वीटी बाली, आयुष पांडेय समेत इमेजिका डायग्नोस्टिक्स के चिकित्सक एवं कर्मचारी, पत्रकार और अन्य लोग मौजूद रहे।

