
टीम अनंत सोच
धनबाद: धनबाद रेलवे स्टेशन के समीप हिल कॉलोनी स्थित मजार शरीफ में कमिटी गठन को लेकर विवाद अब गहराता जा रहा है। गुरुवार देर शाम उस समय मामला और गरमा गया जब वाजिद खान पर मजार परिसर के एक बंद कमरे का ताला तोड़कर नया ताला लगाने का आरोप लगा। इस घटना के बाद लंबे समय से मजार का संचालन और देखरेख कर रहे लोगों ने विरोध जताते हुए कार्रवाई को अनुचित बताया।
विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि मजार समिति के गठन से जुड़ा मामला फिलहाल रांची हाई कोर्ट, कल्याण बोर्ड और वक्फ बोर्ड में लंबित है। ऐसे में संबंधित संस्थाओं के निर्णय आने से पहले नई कमिटी का गठन नहीं किया जाना चाहिए।
मजार शरीफ के खादिम मोहम्मद निजामुद्दीन ने बताया कि वे पिछले करीब नौ वर्षों से यहां रह रहे हैं और मजार की सेवा कर रहे हैं। उनके अनुसार, चाबी देने से इनकार करने के बाद कमरे का ताला तोड़ दिया गया।
वहीं निसार खान ने आरोप लगाया कि बंद कमरे में कमिटी गठन की प्रक्रिया चलाने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने बताया कि इस दौरान कल्याण बोर्ड के सदस्य भी मौके पर पहुंचे थे और उन्होंने इसकी अनुमति नहीं दी थी। बावजूद इसके, गुरुवार को वाजिद खान पुलिस के साथ पहुंचे और कमरे का ताला तोड़कर नया ताला लगा दिया गया।
दूसरी ओर स्थानीय निवासी अब्दुल कादिर का कहना है कि पिछले पांच महीनों से स्थानीय लोग ही मजार की देखरेख कर रहे हैं। उन्होंने पुरानी कमिटी को भंग कर नई कमिटी गठित करने की मांग उठाई।

