
टीम अनंत सोच
धनबाद/ कतरास:धनबाद में भू-धसान की बड़ी घटना ने एक बार फिर कोयला खनन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कतरास थाना क्षेत्र के छाताबाद में शुक्रवार दोपहर अचानक जमीन धंसने से 20 से अधिक घर इसकी चपेट में आ गए। देखते ही देखते एक दो मंजिला मकान समेत कई घर जमीन में समा गए। अचानक हुए इस हादसे से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। हादसे में करीब आठ लोगों के घायल होने की सूचना है, जिन्हें अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।
घटना शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे की बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके की कोयला खदान में ब्लास्टिंग के कुछ देर बाद अचानक जमीन में तेज कंपन महसूस हुआ। इसके बाद देखते ही देखते जमीन में दरारें पड़ने लगीं और बड़े हिस्से में भू-धसान हो गया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से लोगों में दहशत फैल गई।
भू-धसान की चपेट में आने से कई मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि एक दो मंजिला मकान देखते ही देखते जमीन में समा गया। कई घरों के धंसने के बाद स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मलबे और क्षतिग्रस्त मकानों से लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। हादसे में करीब आठ लोगों के घायल होने की बात सामने आई है, जिन्हें इलाज के लिए अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों और निजी अस्पतालों में भेजा गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और इलाके को सुरक्षित करने के साथ राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। भू-धसान के बाद प्रभावित परिवारों के सामने रहने और अपने सामान को सुरक्षित रखने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। लोग अपने बचे-खुचे सामान को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाते नजर आए।
घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा बीसीसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन के खिलाफ फूट पड़ा। लोगों का आरोप है कि इलाके में लगातार हो रही ब्लास्टिंग और भूमिगत कोयला खनन के कारण जमीन कमजोर हो रही है, जिसकी वजह से बार-बार भू-धसान की घटनाएं सामने आ रही हैं। ग्रामीणों ने बीसीसीएल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रभावित परिवारों के तत्काल पुनर्वास, उचित मुआवजा और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन ने घटनास्थल को डेंजर जोन घोषित करते हुए बैरिकेडिंग कर दी है। लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की हिदायत दी गई है। वहीं, प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और आगे किसी बड़े हादसे को रोकने के लिए इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है।

