
टीम अनंत सोच
धनबाद: बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू), धनबाद में गुरुवार को कार्डियक हेल्थ अवेयरनेस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विश्वविद्यालय और इमैजिका डायग्नोस्टिक सेंटर के बीच हृदय स्वास्थ्य से संबंधित जांच एवं चिकित्सकीय सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों को बेहतर डायग्नोस्टिक सुविधाओं तक पहुंच उपलब्ध कराना और हृदय रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति एवं वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. राम कुमार सिंह ने की। इस अवसर पर कुलसचिव राधा नाथ त्रिपाठी, परीक्षा नियंत्रक डॉ. धनंजय कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के प्राध्यापक, शोधार्थी, शिक्षकेतर कर्मचारी तथा इमैजिका डायग्नोस्टिक सेंटर के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ता डॉ सूरज चव्हाण ने हृदय रोगों और कार्डियक अरेस्ट के जोखिमों पर प्रकाश डालते हुए उनकी रोकथाम के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव पर नियंत्रण, धूम्रपान से परहेज और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच हृदय को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने हृदय संबंधी आपातकालीन स्थितियों के शुरुआती लक्षणों को पहचानने और बिना देर किए चिकित्सकीय सहायता लेने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
वहीं, डॉ मिहिर कुमार झा ने हृदय रोगों की पहचान में आधुनिक पैथोलॉजी और इमेजिंग तकनीकों की भूमिका की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उपयुक्त प्रयोगशाला परीक्षण और आवश्यकतानुसार इमेजिंग जांच के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समय पर आकलन करने में मदद मिलती है। उन्होंने इमैजिका डायग्नोस्टिक सेंटर में उपलब्ध संबंधित जांच सुविधाओं के बारे में भी जानकारी साझा की।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बीबीएमकेयू और इमैजिका डायग्नोस्टिक सेंटर के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर रहा। इस समझौते के माध्यम से विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों के लिए हृदय स्वास्थ्य से जुड़ी जांच और अन्य उपयुक्त डायग्नोस्टिक सुविधाओं की उपलब्धता बेहतर बनाने की दिशा में सहयोग किया जाएगा। इससे स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
इस आयोजन को सफल बनाने में विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. कृष्ण मुरारी सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विश्वविद्यालय और डायग्नोस्टिक सेंटर के बीच एमओयू की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में भी उनका उल्लेखनीय योगदान रहा।
कार्यक्रम का संचालन अंग्रेजी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. इंद्रजीत कुमार ने किया। उन्होंने विशेषज्ञ वक्ताओं और अतिथियों का परिचय कराते हुए विभिन्न सत्रों का संचालन किया। अंत में अंग्रेजी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. हिमांशु शेखर चौधरी ने धन्यवाद ज्ञापन किया और कुलपति, विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों, विशेषज्ञों, प्राध्यापकों, शोधार्थियों तथा इमैजिका डायग्नोस्टिक सेंटर की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के माध्यम से विश्वविद्यालय ने हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, नियमित चिकित्सकीय जांच और समय रहते बीमारियों की पहचान के महत्व को रेखांकित किया।

