

चंदन पाल की रिपोर्ट
धनबाद: झारखंड स्वास्थ्य विभाग के क्षेत्रीय उपनिदेशक (RDD), उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल ने शनिवार को धनबाद पहुंचकर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सिविल सर्जन कार्यालय में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के साथ अहम बैठक की।
बैठक में झरिया विधायक रागिनी सिंह भी मौजूद रहीं। स्वास्थ्य सेवाओं, अस्पतालों की कार्यप्रणाली, संसाधनों की उपलब्धता और आम जनता को मिल रही चिकित्सा सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान असर्फी अस्पताल से जुड़ा विवादित मामला प्रमुखता से उठा। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने बकाया भुगतान के कारण मृतक के शव को परिजनों को सौंपने से इनकार कर दिया था, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया।
मामले के तूल पकड़ने के बाद धनबाद के महापौर संजीव सिंह ने हस्तक्षेप कर बकाया राशि का भुगतान कराया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंपा गया। इस घटना ने जिलेभर में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
आरडीडी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि संबंधित सभी पक्षों को बुलाकर बयान दर्ज किए गए हैं और जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट विभाग को सौंपी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
झरिया विधायक रागिनी सिंह ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अमानवीय घटना है। पीड़ित परिवार को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए।
वहीं मृतक की पत्नी शोभा सिंह ने प्रशासन से दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि भविष्य में किसी अन्य परिवार के साथ ऐसी घटना न हो, इसके लिए उदाहरणात्मक कदम उठाना जरूरी है।
इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों की जवाबदेही, नैतिकता और मानवता को लेकर बहस छेड़ दी है। अब सबकी नजरें आरडीडी की जांच रिपोर्ट और सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी है।
