चंदन पाल की रिपोर्ट 

धनबाद:राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची के निर्देश पर शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,धनबाद द्वारा सिविल कोर्ट परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। वर्ष 2026 की यह दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत थी, जिसमें लंबित मामलों का आपसी सहमति से त्वरित निपटारा किया गया।

लोक अदालत के लिए सिविल कोर्ट परिसर में कुल 28 बेंचों का गठन किया गया था। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग अपने मामलों के समाधान के लिए पहुंचे। बैंकिंग, मोटर दुर्घटना दावा, पारिवारिक विवाद, बीमा समेत विभिन्न प्रकार के मामलों की सुनवाई कर उनका निष्पादन किया गया।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से लगभग 90 करोड़ रुपये से अधिक राशि से जुड़े मामलों का सेटलमेंट किया गया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत लोगों को लंबित मामलों से जल्द राहत दिलाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है, जहां आपसी सहमति से विवादों का समाधान होता है।

इस दौरान सबसे बड़ा सेटलमेंट एक मोटर दुर्घटना मुआवजा मामले में हुआ। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने बताया कि 12 मई 2022 को बगोदर में हुई सड़क दुर्घटना में एक सीआरपीएफ जवान की मौत हो गई थी। जवान परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। इस मामले में दायर मुआवजा वाद का निपटारा करते हुए पीड़ित परिवार को ब्याज सहित करीब 1 करोड़ 48 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान की गई।

मृतक जवान की पत्नी प्रिया कुमारी ने कहा कि वह इस राशि का उपयोग अपने बच्चों तथा सास-ससुर के भविष्य को सुरक्षित करने में करेंगी।

राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन पर न्यायिक अधिकारियों ने संतोष व्यक्त करते हुए इसे आम लोगों के लिए लाभकारी पहल बताया।

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