
टीम अनंत सोच
धनबाद: प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर दो दिवसीय दौरे पर धनबाद पहुंचे हैं। अपने दौरे के दौरान उन्होंने कोयला और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का जायजा लिया। इसी क्रम में उन्होंने कोल इंडिया और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड यानी बीसीसीएल की महत्वाकांक्षी मुनीडीह कोल बेड मिथेन परियोजना का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान तरुण कपूर ने परियोजना की प्रगति, कोल बेड मिथेन गैस के निष्कर्षण और इसके व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि कोयला खदानों के भीतर मौजूद मीथेन गैस खनन के दौरान काफी खतरनाक साबित हो सकती है। ऐसे में खनन शुरू होने से पहले यदि इस गैस को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाल लिया जाए, तो भूमिगत खनन के दौरान हादसों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि मुनीडीह परियोजना का उद्देश्य सिर्फ मिथेन गैस का उत्पादन करना नहीं है, बल्कि खदानों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ इस गैस को स्वच्छ और उपयोगी ईंधन के रूप में इस्तेमाल करना भी है।
तरुण कपूर ने बताया कि पहले कोयला खदानों से मीथेन गैस निकालने की जिम्मेदारी पेट्रोलियम मंत्रालय के दायरे में आती थी। अब यह अधिकार कोल इंडिया को दिया गया है। इससे खदानों में मौजूद मीथेन गैस को सुरक्षित तरीके से निकालने और उसके व्यावसायिक उपयोग का रास्ता साफ हुआ है।
जानकारी के अनुसार मुनीडीह में स्थापित किया जा रहा पहला प्लांट अक्टूबर 2027 से पहले पूरी तरह शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। यहां उत्पादित गैस को पाइपलाइन के माध्यम से घरों और उद्योगों तक पहुंचाने के साथ-साथ सीएनजी वाहनों में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।
इस परियोजना के लिए बीसीसीएल ने गुजरात की कंपनी प्रभा एनर्जी लिमिटेड के साथ करार किया है। परियोजना के पूरी तरह चालू होने के बाद उत्पादित गैस को पाइपलाइन के जरिए उपभोक्ताओं और औद्योगिक इकाइयों तक पहुंचाने की योजना है।
मुनीडीह कोल बेड मिथेन परियोजना को खनन सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और कोयला क्षेत्र में वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

