
मनीष रंजन की रिपोर्ट
धनबाद: वाहनों को सुरक्षित एवं निगरानी को लेकर स्कूल वैन एवं बस संचालक वाहनों में जीपीएस एवं कैमरा लगाए जाने के संदर्भ में अभिभावकों से अतिरिक्त शुल्क वसूले जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है, जो न्यायोचित नहीं है। जिसे लेकर धनबाद के सामाजिक कार्यकर्त्ता और लोकहक मानव सेवा संस्थान तथा झारखंड अभिभावक महासंघ के जिला उपाध्यक्ष कुमार मधुरेंद्र सिंह ने धनबाद के जिला परिवहन पदाधिकारी को पत्र लिखकर ईमेल कर इस पर विचार करने की अपील की है।
उन्होंने लिखा है कि जीपीएस उपकरण सामान्यतः वाहन स्वामी अपने व्यवसायिक एवं परिचालनिक सुविधा हेतु स्वयं लगाते हैं, ताकि वाहन की लोकेशन एवं किलोमीटर की निगरानी की जा सके। अधिकांश वाहन मालिकों के पास एक से अधिक वाहन होते हैं और वे अपने प्रबंधन हेतु इस सुविधा का उपयोग करते हैं। विद्यालय भी वाहन के संचालन एवं दूरी के आधार पर ही परिवहन शुल्क निर्धारित करते हैं।
इसी प्रकार सीसीटीवी कैमरा बच्चों एवं यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की रगायी जाती है ताकि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में उसका रिकॉर्ड उपलब्ध हो सके। यह सुरक्षा मानकों का हिस्सा है, न कि अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक भार डालने का आधार।
यदि सुरक्षा उपकरणों को लगाने को आधार बनाकर अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है, तो भविष्य में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में भी इसी प्रकार शुल्क वृद्धि की अनुचित परंपरा प्रारंभ हो सकती है जो उचित नहीं होगा।
उन्होंने इस विषय को लेकर आशंका जताई है कि स्कूल वैन संचालक अगर अभिभावकों से अतिरिक्त शुल्क लेती है तो आने वाले दिनों में अभिभावकों के ऊपर अतिरिक्त बोझ रहने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
उन्होंनें पत्र की प्रति उपायुक्त, धनबाद, उप विकास आयुक्त, धनबाद, जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक को भी इस विषय पर संज्ञान लेने की अपील की है।
