
मनीष रंजन की रिपोर्ट
धनबाद: धनबाद में यक्ष्मा यानि टीबी से ग्रस्त मरीजों को पौष्टिक आहार के लिए मिलने वाली राशि विगत छह माह से मासिक/छमाही प्रोत्साहन राशि प्राप्त नहीं हो रही है। यह मरीजों के साथ अन्यायपूर्ण है, क्योंकि प्रत्येक पात्र मरीज को प्रति माह ₹1000 की सहायता राशि समय पर मिलनी चाहिए।
इसे लेकर धनबाद के सामाजिक कार्यकर्त्ता और लोकहक मानव सेवा काउंसिल के केंद्रीय उपाध्यक्ष तथा टीबी चैंपियन कुमार मधुरेंद्र सिंह ने जिला यक्ष्मा पदाधिकारी को पत्र लिखकर ईमेल कर इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए लाभार्थियों को जल्द से जल्द राशि देने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि भुगतान में विलंब के मुख्य कारण DTO कार्यालय के अकाउंट एवं DAM पोर्टल के बीच समन्वय का अभाव है। साथ ही साथ निक्षय एवं आभा ऐप/पोर्टल में तकनीकी समस्याएँ, जिनके कारण आधार, बैंक खाता, लिंकिंग एवं सत्यापन में बाधाएँ आती हैं। साथ ही कार्यालयीय कर्मचारियों द्वारा तकनीकी कार्यों के प्रति अपेक्षित तत्परता का भी अभाव है।
इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि इसमें आवश्यक निर्णय लेने की जरूरत है जिसमें संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित कर आवश्यक होने पर वेतन/मानदेय पर प्रशासनिक नियंत्रण कर कार्य निष्पादन सुनिश्चित करने की जरूरत है। इसके अलावे कार्यालय में कैमरा युक्त लैपटॉप एवं समुचित इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि निक्षय एवं आभा ऐप/पोर्टल एक साथ सुचारु रूप से संचालित हो सके तथा
कर्मचारियों को निजी मोबाइल पर निर्भर रहने के बजाय कार्यालय के संसाधनों से ही कार्य कराने की मांग की है। इससे कार्य में जिम्मेवारी बढ़ेगी तथा दक्षता भी आयेगी।
उन्होंने पत्र की प्रति अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग, झारखंड सरकार, राज्य यक्ष्मा पदाधिकारी तथा सिविल सर्जन, धनबाद को भी दी है ताकि अविलंब संज्ञान लेकर टीबी मरीजों को राहत दी जा सके।
