5 सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विज्ञान भवन में करेंगी सम्मानित, सीमित संसाधनों में नवाचार से सरकारी स्कूल की बदली तस्वीर


टीम अनंत सोच
धनबाद: सरकारी विद्यालय में सीमित संसाधनों के बावजूद नवाचार आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाली धनबाद की शिक्षिका मुनमुन भट्टाचार्या का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए किया गया है। राजकीयकृत मध्य विद्यालय बरमसिया की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मुनमुन भट्टाचार्या झारखंड से इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चयनित एकमात्र शिक्षिका हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी सूची में देशभर के 48 उत्कृष्ट विद्यालय शिक्षकों का चयन किया गया है। मुनमुन भट्टाचार्या को आगामी 5 सितंबर, शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सम्मानित करेंगी। पुरस्कार के रूप में उन्हें 50 हजार रुपये, सिल्वर मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
मुनमुन भट्टाचार्या ने विद्यालय में उपलब्ध सीमित संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए शिक्षा को रोचक और प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बच्चों की समझ को आसान बनाने के लिए विभिन्न टीएलएम (टीचिंग लर्निंग मटेरियल) तैयार किए और गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा दिया।
पढ़ाई को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय रचनात्मक गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों की सीखने में रुचि बढ़ाने का प्रयास किया गया। विद्यालय में बाल संसद को सक्रिय कर विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की दिशा में भी पहल की गई।
विद्यालय के पोषक क्षेत्र के सभी बच्चों का विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित कराने में भी मुनमुन भट्टाचार्या की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अलावा विद्यार्थियों को पर्यावरण और प्रकृति संरक्षण से जोड़ने के लिए विद्यालय परिसर में पोषण वाटिका विकसित की गई। जल संरक्षण को लेकर भी विद्यालय में आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं।
विद्यालय में पुस्तकालय को बेहतर बनाने के साथ-साथ कंप्यूटर आधारित शिक्षण को भी बढ़ावा दिया गया। आधुनिक तकनीक और विभिन्न शैक्षणिक प्रयोगों के माध्यम से बच्चों को सीखने के नए अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित होने पर मुनमुन भट्टाचार्या ने इसे अपने लिए ही नहीं, बल्कि पूरे विद्यालय परिवार के लिए उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और विद्यालय से जुड़े सभी लोगों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। सभी के सहयोग के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं थी।
उन्होंने कहा कि आगे भी विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने, विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को ऊंचा उठाने तथा उन्हें अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रयास जारी रहेंगे।
मुनमुन भट्टाचार्या का राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन धनबाद के साथ-साथ पूरे झारखंड के लिए गौरव का विषय है। सरकारी विद्यालय में सीमित संसाधनों के बीच नवाचार, रचनात्मक शिक्षण, विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और विद्यालय के समग्र विकास के लिए किए गए उनके प्रयास यह साबित करते हैं कि बेहतर शिक्षा के लिए संसाधनों के साथ-साथ समर्पण, रचनात्मक सोच और निरंतर प्रयास भी जरूरी हैं।
5 सितंबर को राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त कर मुनमुन भट्टाचार्या धनबाद के सरकारी विद्यालयों और शिक्षा व्यवस्था के लिए एक नई पहचान स्थापित करेंगी।

